माता पार्वती ने गणेश जी को उबटन से बनाया। शिवजी ने उनका सिर काटकर हाथी का सिर लगाया और उन्हें विघ्नहर्ता का आशीर्वाद दिया
गणेश जी को मोदक सबसे प्रिय हैं। 21 मोदक का भोग लगाने से बप्पा प्रसन्न होते हैं।
गणेश चतुर्थी पर बप्पा की प्रतिमा घर या पंडाल में स्थापित कर पूजा, आरती और मंत्रोच्चार किए जाते हैं।
यह पर्व 10 दिनों तक चलता है और अनंत चतुर्दशी पर गणपति विसर्जन के साथ संपन्न होता है।
मुंबई का लालबागचा राजा और पुणे का दगडूशेठ गणपति उत्सव के सबसे बड़े आकर्षण हैं।
गणेश चतुर्थी समाज में एकता, प्रेम और सद्भाव का संदेश देती है। हर वर्ग मिलकर इस उत्सव को मनाता है।
सुमुख, एकदंत, लंबोदर, विकट, विघ्नराज, गजानन सहित गणेश जी के 12 नाम बहुत प्रसिद्ध हैं।
इस गणेश चतुर्थी बप्पा को घर लाएँ, मोदक का भोग लगाएँ और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद पाएँ।
विसर्जन जीवन के चक्र का प्रतीक है – शुरुआत और अंत, जो नए अवसरों का संकेत देता है।